तमाम रुढ़िवादी विचारधाराओं को तोड़ते हुए, कठुआ जिले की पूजा देवी जम्मू-कश्मीर की पहली महिला बस ड्राइवर बन गई हैं। तीन बच्चों की मां पूजा देवी ने गुरुवार को पहली बार जम्मू से कठुआ के बीच बस चलाकर कई महिलाओं के लिए मिसाल पेश की है। पूजा देवी ने यह प्रोफेशन अपने घरवालों की नाखुशी के बाद भी अपनाया और अब सोशल मीडिया पर पूजा की जमकर तारीफ हो रही है।

‘ग्रेटर कश्मीर’ की खबर के मुताबिक, पूजा ड्राइविंग ट्रेनर हैं लेकिन वह हमेशा से प्रोफेशनल ड्राइवर बनना चाहती थीं। पूजा का परिवार और ससुरालवाले उनके ड्राइवर बनने के फैसले के खिलाफ थे। पहली बार जब उन्होंने बस चलाई तो उनका छोटा बेटा उनके साथ था।

पूजा ने कहा, ‘जब जम्मू-कठुआ रोड बस स्टेशन के प्रेजिडेंट कुलदीप सिंह ने मेरा आवेदन स्वीकार किया तो मैं वाकई हैरान हो गई थी। वही थे जिन्होंने मेरी ड्राइविंग पर भरोसा दिखाया।’

पूजा ने बताया, ‘मैं नहीं जानकी कि मेरा परिवार अब क्या सोच रहा होगा। शायद उन्हें महसूस हुआ होगा कि पेशेवर ड्राइवर बनने की मेरी इच्छा गलत नहीं थी। यह सिर्फ मेरी इच्छा पूरे करने से नहीं जुड़ा बल्कि इससे मैं परिवार को आर्थिक मदद भी दे सकूंगी।’ उन्होंने बताया कि उनके परिवार की माली हालत कमोजर है और यह एक बहुत बड़ा कारण है कि उन्होंने बस चलाने का फैसला लिया।

पूजा के मुताबिक, ‘मुझे जम्मू के एक प्रतिष्ठित ड्राइविंग संस्थान में ट्रेनर के तौर पर 10 हजार रुपये मिल रहे थे। जब मुझे भारी वाहन चलाने का लाइसेंस मिला तो मैंने यूनियन से संपर्क किया और उन्होंने मेरे कौशल पर भरोसा जताते हुए मुझे जम्मू-कठुआ के बीच पैसेंजर बस चलाने का जिम्मा सौंपा।’

यह पेशा चुनने के पीछे कारण पूछने पर पूजा ने कहा कि जब महिलाएं पायलट, डॉक्टर, पुलिस ऑफिसर बन सकती हैं तो वे पेशेवर ड्राइवर क्यों नहीं बन सकती? पूजा ने बताया कि हर बस स्टॉप पर लोगों ने उनका अभिवादन किया। उन्होंने अन्य ड्राइवरों और लोगों का प्यार मिल रहा है। यह उनके लिए बहुत उत्साह बढ़ाने वाला है।

By anita

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