केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों को लेकर देश में बवाल जारी है। कानून के विरोध में जारी किसान आंदोलन के बीच अब विपक्ष भी सड़क पर आ गया है। गुरुवार को कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले और दो करोड़ किसानों के हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इन कानूनों से मजदूरों और किसानों का नुकसान होने वाला है और इस देश में लोकतंत्र अब सिर्फ खयालों में है। राहुल गांधी के अलावा गुलाम नबी आजाद और अधीर रंजन चौधरी जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे थे।

दरअसल, पहले कांग्रेस नेता विजय चौक से मार्च निकालकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने वाले थे लेकिन इसकी परमिशन न मिलने और फिर प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के सवाल पर राहुल गांधी ने यह कहा कि देश में कोई लोकतंत्र नहीं है, यह सिर्फ खयालों में हो सकता है लेकिन असल में नहीं है।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि मोदी पूंजीपतियों के लिए पैसे बना रहे हैं। जो भी उनके खिलाफ खड़ा होने की कोशिश करेगा, उसे आतंकी कहा जाएगा- चाहे किसान हो, मजदूर हो या मोहन भागवत ही क्यों ना हों।

राहुल गांधी ने कहा, ‘राष्ट्रपति से हमने कहा कि ये जो कानून बनाए गए हैं ये किसान विरोधी हैं और इनसे किसानों,मज़दूरों का नुकसान होने वाला है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि किसान हटेगा नहीं, प्रधानमंत्री को यह नहीं सोचना चाहिए कि किसान, मज़दूर घर चले जाएंगे।’

उन्होंने कहा कि जिस तरह से ये कानून बिना चर्चा के लाए गए हैं वह गलत है। उन्होंने कहा कि बिल पर चर्चा के लिए संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं एडवांस में चीज बोल देता हूं, मैंने कोरोना के बारे में बोला था कि नुकसान होने जा रहा है। उस समय किसी ने बात नहीं सुनी। आज मैं फिर से बोल रहा हूं किसान, मज़दूर के सामने कोई भी शक्ति खड़ी नहीं हो सकती।’

देश को कमजोर कर रहे पीएम मोदी
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि चीन ने भारत की हजारों किलोमीटर जमीन छीन ली है, PM उनके बारे में क्यों नहीं कहते? एक तरफ आप सिस्टम को तोड़ रहे हो, किसान,मज़दूर को मार रहे हो और बाहर से ताकतें देख रही हैं, कह रही हैं कि नरेंद्र मोदी हिन्दुस्तान को कमजोर कर रहा है, हमारे लिए अच्छे अवसर बनने जा रहे हैं। 

By anita

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