अगले शैक्षणिक सत्र से मध्य प्रदेश सरकार हर जिले में एक ऐसा प्ले स्कूल खोलेगी जहां सिर्फ संस्कृत भाषा में पढ़ाई होगी। राज्य के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ये स्कूल चाइनीज प्ले स्कूल की तर्ज पर होंगे जहां एलकेजी और यूकेजी के बच्चों को सिर्फ संस्कृत में बात करना, श्लोक पढ़ना सिखाया जाएगा। 

इंदर सिंह परमार के मुताबिक, ‘एलकेजी और यूकेजी की बजाय इन कक्षाओं का नाम अरुण और उदय होगा। हर जिले में एक सरकारी स्कूल होगा, जहां बच्चों को संस्कृत सिखाई जाएगी। संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृष भाषा सीखने से बच्चों का दिमाग खुलेगा। यह भाषा और भारतीय संस्कृति दोनों को बढ़ावा देगा।’

मंत्री इंदर सिंह ने बताया कि स्कूल के सिलेबस, नियुक्तियां और अन्य बुनियादी ढांचे संबंधी काम एमपी स्टेट ओपन स्कूल एजुकेशन बोर्ड और योग गुरु रामदेव की महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के जिम्मे होगा।

नाम जाहिर न करने की शर्त पर शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘ये स्कूल इस तरह बनाए जाएंगे कि कामकाजी माता-पिता अपने 3 से 4 साल के बच्चों को सुबह 9 बजे स्कूल छोड़े और शाम को वापस ले जा सकते हैं। संस्कृत और बाल मनोविज्ञान दोनों के ज्ञानी शिक्षकों को सरकार नियुक्त करेगी। ‘

By anita

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