प्रख्यात हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने भारत-नेपाल सीमा इलाके के गांवों में रहने वाले लोगों का धर्म परिवर्तन करने का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ एकजुट होकर जंग छेड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ईसाई धर्म के लोग तेजी से धर्म परिवर्तन के काम में जुटे हैं। ये मिशनरी भोले-भाले गरीब लोगों को भूत-प्रेत या बीमारी आदि दूर करने के चक्कर में फंसाकर झाड़-फूंक व इलाज करते हैं। इसी दौरान इनको बरगला कर धर्म परिवर्तन कराते हैं। इसी वजह से बॉर्डर पर पांच ईसाई चर्च बन चुके हैं।

मंगलवार अपरान्ह कस्बे के देवी मंदिर पर आयोजित धर्म एवं सीमा रक्षा सम्मेलन में पहुंची साध्वी प्राची ने कहा कि गरीब लोगों को झाड़-फूंक करने और बीमारियां दूर करने का लालच देकर प्रार्थना सभा में बुलाते हैं और ठीक करने की गारंटी देकर धर्म परिवर्तन की बात करते हैं। उन्होंने इसका डटकर मुकाबला करने की बात कही। चाहिए। धर्म परिवर्तन में जुटे पादरियों के विरुद्ध बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस कार्यकर्ताओं के जुटने और लोगों को असलियत बताकर इससे रोकने का आग्रह किया। अपने संबोधन में उन्होंने रावण, जोरावर, शिवाजी, विवेकानंद, अपाला, गार्गी, रानी लक्ष्मीबाई आदि का जिक्र करते हुए महिलाओं से अपनी बेटियों को वीरांगना बनाने तथा बेटों को अच्छे संस्कार देने की सलाह दी।

एसडीएम ओपी गुप्ता ओर सीओ प्रदीप वर्मा ने साध्वी प्राची को प्रतीक चिन्ह और कोतवाल राजकुमार ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मंदिर परिसर में हुए सम्मेलन में भारी भीड़ की वजह से पूरा पांडाल खचाखच भर गया। जगह कम पड़ जाने से पुलिस तथा पीएसी के जवानों को लोगों को संभालने में पसीना बहाना पड़ा। साध्वी प्राची ने कार्यक्रम संयोजक सुनील सत्यार्थी की कार्यक्रम के लिए तारीफ की। इसमें प्रेम सोनी, दिनेश चंद्र, विजय मिश्र, सुयश पांडे, अशोक सोलंकी, अवधेश विश्वकर्मा, बलराम राणा, विनोद निषाद और विजयपाल आदि शामिल हुए।

महिला ने इंसाफ की मांग करने हुए निकाल लिया जहर
सम्मेलन में पहुंची थाना सिंगाही के हरद्वाही गांव की एक महिला ने साध्वी प्राची को अपनी पीड़ा सुनाते-सुनाते रोते बिलखते हुए अचानक जहर की शीशी निकाल ली। उसने कहा कि उसे इंसाफ नहीं मिल रहा है। उसका कहना था कि ससुराली जन उसके साथ मारपीट करते हैं। उसकी पुलिस भी नहीं सुन रही। वह जहर लेकर लाई है। अगर यहां से भी मायूस लौटने की हालत बनी तो वह अपने तीन बच्चों समेत जहर खाकर जान दे देगी। इस पर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अफसर हकबका गए। हालांकि साध्वी प्राची ने महिला को तुरंत इंसाफ दिलाने की बात कहकर उसको समझाकर शांत किया।

By anita

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